विनाशकारी प्रलय / Vinashkari Pralay PDF Download

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दलाई लामा ने एक बार कहा था, ‘उदात्त प्रेम और महान उपलब्धियों में बड़ा जोखिम भी शामिल रहता है।’ उपलब्धियों के बारे में तो नहीं कह सकता, लेकिन उदात्त प्यार के लिए कही गई उनकी बात अब मुझे समझ आने लगी है। और वो भी हड़प्पा के हजारों पाठकों के प्यार की वजह से। मैंने अपनी रचनात्मक प्रचुरता के अधीन होकर, अपने दिल की बात को हड़प्पा के रूप में लेखनीबद्ध किया। जबकि में उससे पहले तीन बिजनेस बुक लिख चुका था, लेकिन हड़प्पा मेरा पहला उपन्यास था। मैं समझ नहीं पा रहा था कि उससे क्या उम्मीद करूं इसलिए मैंने पूरे जोश, साहस और आजादी से उसे लिख दिया।

ज्ञान की देवी मां सरस्वती के आशीर्वाद से, उस किताब ने पाठकों के दिल में जगह बना ली। हड़प्पा तुरंत ही लोकप्रिय होकर, सबसे ज्यादा बिकने वाली किताबों में शामिल हो गई। मेरे पास पाठकों की बहुत सी मेल आई, फेसबुक और ट्विटर पर मैसेज मिले, और लिटरेचर फेस्टिवल में लोगों ने मुझ पर अपना प्यार लुटाया हजारों पाठकों ने किताब, इसके किरदारों और इसकी घटनाओं के प्रति अपना स्नेह दर्शाया। उनका स्नेह और सम्मान मेरे जीवन की पूंजी बन गई।

हालांकि, जैसा कि ब्रूस स्प्रिंगस्टीन ने एक बार कहा था, ‘श्रोताओं को बरक़रार रख पाना बहुत मुश्किल है। इसके लिए विचारों, उद्देश्य और कार्य की निरंतरता जरूरी है… जब मैंने इसके अगले भाग प्रलय को लिखना शुरू किया, तो प्यार की उस श्रृंखला ने मुझे बांधे रखा। मेरे पाठकों ने मुझ पर अपने स्नेह की बरसात की। तब मुझे स्पष्ट हो गया कि प्रलय को भी उन लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरना ही होगा। यही मेरा लक्ष्य है, यही वो एवरेस्ट है, जिसकी चोटी तक मुझे पहुंचना होगा।

प्रिय पाठक, जो किताब आपने अपने हाथ में पकड़ी है, वो आपके प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना से लिखी गई है। मुझे पूरी उम्मीद है कि इसमें भी आपको हड़प्पा, 1700 ईसापूर्व हड़प्पा के देवता, शक्तिशाली विवास्वन पुजारी, जिसे दशकों तक हड़प्पा के सूर्य के तौर पर पूजा जाता रहा, पर एक निर्मम छल से घात लगाया गया। उसका विश्वस्त मित्र और उसकी पत्नी का भाई, बुद्धिमान पंडित चंद्रधर, अपनी पत्नी प्रियम्वदा की ईर्ष्यालु महत्वाकांक्षा के आगे घुटने टेक देता है।

चंद्रधर की रूपवान पत्नी मोहन जोदड़ो की राजकुमारी थी। तीन अंधे, काले जादूगरों, गुन, शा और अप को प्रियम्बदा और उसके दुष्ट सेनाध्यक्ष, रंगा के निमंत्रण पर हड़प्पा बुलाया जाता है। काले जादूगर नगर के जल स्रोत को अपने जहर से दूषित कर, वहां के समस्त नागरिकों को पागल और हिंसक बना देते हैं। इस सब गहमागहमी में, विवास्वन पुजारी को नयनतारा, हड़प्पा की आकर्षक नृत्यांगना की हत्या के झूठे आरोप में फंसाया जाता है। हड़प्पा के देवता को मृत कारावास की सजा सुनाई जाती है।

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