छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient Hindi Book PDF Download

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पुस्तक का विवरण (Description of Book छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient PDF Download) :-

नाम : छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient Book PDF Download
लेखक :
आकार : 1.6 MB
कुल पृष्ठ : 53
श्रेणी : भाषण / Speechपरीक्षा / Exam Booksशिक्षा / Education
भाषा : हिंदी | Hindi
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मैं किसी समय युवा था। उस समय के अपने अनुभव है मैं आपको बताना चाहता हूँ। युवकों को चाहिए कि वे सदा अपने सामने उदात्त ध्येय का विचार करें। युवकों ने एक बात ध्यान में रखनी चाहिए कि किसी भी अच्छी वस्तु को सम्पादित करने के लिए तपस्या करनी चाहिए। इसलिए हम लोगों में एक कहावत रूढ़ है ‘तपस्या से फल मिलता।Ó कार्य आत्मोन्नति का हो, राष्ट्रोन्नति का, चाहे कोई हो– उसके लिए अखंड प्रयत्न करने चाहिए। मनुष्य को चाहिए कि उस काम के लिए अपने को समर्पित कर दे। मैंने अनेक अर्वाचीन युवक देखे हैं जो पन्द्रह मिनट भी मेज पर लगातार बैठे नहीं रह सकते हैं। उन्हें समय-समय बीड़ी पीनी पड़ती है, चाय पीनी होती है। उसके बिना वे काम नहीं कर सकते। यह उचित नहीं है। कोई व्यक्ति अपनी जन्मजात बुद्धि के आधार पर पराक्रम नहीं कर सकता। दुनिया में निर्बुद्ध लोग बहुत थोड़े निपजते हैं। उसी प्रकार बुद्धि का विकास करना हर एक के बस की बात है। चौबीस घंटों में से लगातार बीस घंटे तक मेज पर बैठकर काम करते आना चाहिए। मैंने अपनी विद्यार्थी दशा में यहाँ और विदेश में भी लगातार बीस घंटे बैठकर काम किया है। जो कोई बुद्धि का प्रभाव बढ़ाना चाहता है, उन्हें श्रम करना चाहिए, तपस्या करनी चाहिए।

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I was young once upon a time. I want to tell you my experiences of that time. Young people should always think of a lofty goal before themselves. One thing should be kept in mind by the youth that to achieve any good thing one should do penance. That’s why there is a common saying among us, ‘Austerity yields results.’ Be it self-promotion, nation-promotion, whatever it may be – unbroken efforts should be made for it. Man should dedicate himself to that work. I have seen many modern youths who cannot sit still at the table even for fifteen minutes. He has to smoke beedi from time to time, Have to drink tea. Without that they cannot function. This is not right. A person cannot do bravery on the basis of his innate intelligence. There are very few unintelligent people in the world. Similarly, it is within everyone’s power to develop the intellect. Out of twenty-four hours, one should come to work sitting at the table for twenty consecutive hours. I have worked continuously for twenty hours sitting here and abroad in my student days. Whoever wants to increase the effect of intelligence, they should work hard, do penance.

— Dr. Baba Saheb Ambedkar

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पुस्तक का कुछ अंश ( छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient PDF Download)

अनुक्रम


अनुवादक के दो शब्द – प्रा. डॉ. गौतम कुँवर

1 बहिष्कृत छात्र अपना कर्तव्य समुचित सम्पन्न करें! इसी पर बहिष्कृतों का भविष्य निर्भर है।
2. विपरीत परिस्थिति से जूझकर ही समाज की उन्नति सम्भव!
3. अपनी योग्यता विद्यार्थी दशा में ही विकसित करे!
4. सबको दृढ़ निश्चयपूर्वक और संगठित होकर कूच करना है!
5. शील, सौजन्यविहीन शिक्षित व्यक्ति हिंस्र पशु से क्रूर और भयद!
6. दीर्घोद्योगी और परिश्रम के बल पर ही यश प्राप्ति होती है!
7. मेरे ग्रन्थ को बिलिफ ने हाथ लगाया तो मैं उसे गोली से उड़ा दूँगा!
8. युवकों निर्भय बनो! स्वाभिमान की रक्षा करो!
9. आर्मी, नेवी और एअरफोर्स में भरती हो!
10. शिक्षा की अपेक्षा राजनीति में छात्रों का तल्लीन होना शैक्षिक ह्रास है!
11. अल्पसंख्यकों को समझाया जाना ही चाहिए, उन पर जुल्मी
अधिकार नहीं लादे जाने चाहिए!
12. छात्रों शूर और धैर्यशील बनो!
13. क्या शिक्षित युवक समाज की उन्नति करने के लिए कुछ करने वाले हैं?
14. छात्रों को इस बारे में सजग होना चाहिए कि हमारे कल के जीवन का निर्माण विश्वविद्यालय में होता है!
15. तब फिर स्वनामधन्य वरिष्ठ वर्ग अपने अस्तित्व को खो बैठेगा
16. सिद्धान्त और व्यवहार का एकत्रीकरण न किया तो वरिष्ठ वर्ग का निपात होने में अधिक समय नहीं लगेगा?
17. अधूरा विद्यार्जन निरुपयोगी होगा
18. विद्या, प्रज्ञा, करुणा, शील और मैत्री इन पंच तत्त्व के अनुसार हर विद्यार्थीयों को अपने चरित्र का निर्माण करना चाहिए।

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हमने छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए Google Drive की link नीचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 1.6 MB है और कुल पेजों की संख्या 53 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक डॉ० भीमराव अम्बेडकर / Dr. Br Ambedkar, हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient की PDF को जरूर शेयर करेंगे।

Q. छात्रों शूर और धैर्यशील बनो! | Students be brave and patient किताब के लेखक कौन है?
 

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