शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka Book PDF Download Free

शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Download Free in this Post from Google Drive Link and Telegram Link , उज्ज्वल मल्हावनी / Ujjwal Malhawni all Hindi PDF Books Download Free, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF in Hindi, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka Summary, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka book Review

पुस्तक का विवरण (Description of Book शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Download) :-

नाम : शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka Book PDF Download
लेखक :
आकार : 1.9 MB
कुल पृष्ठ : 107
श्रेणी : उपन्यास / Upnyas-Novelकहानियाँ / Stories
भाषा : हिंदी | Hindi
Download Link Working

[adinserter block=”1″]
आप डिस्क्रिप्शन बॉक्स में पढ़कर अंदाजा लगाना चाह रहे हैं कि उज्ज्वल मल्हावनी नाम के इस विचित्र लेखक ने ‘शर्मा जी का लड़का’ जैसे अटपटे शीर्षक के साथ जाने क्या लिख दिया है जिसे पढ़ने का आग्रह किया जा रहा है। दरअसल प्रेम, इश्क़, प्यार, मोहब्बत, और भी तरह-तरह के नामों से पुकारे जाने वाले इस रोग के बारे में अथाह लिखा जा चुका है, जिन्हें पढ़ने वाला इंसान उन किताबों को पढ़ने के बाद एक रोगी बनकर बाहर निकलता है। ‘शर्मा जी का लड़का’ ऐसे ही रोगियों की दवा है। इस किताब में न सिर्फ आशिकी वाला लाल रंग है बल्कि जीवन के विविध रंग भी हैं। संग्रह की हर कहानी हिंदी साहित्य में वर्तमान लेखन की बँधी हुई परिपाटी तोड़कर अपना रास्ता बनाना चाहती है और यह आपके साथ से ही संभव है।
By reading in the description box, you are trying to guess what this strange writer named Ujjwal Malhavani has written with a strange title like ‘Sharma ji ka ladka’, which is being urged to read. In fact, a lot has been written about this disease called by different names like love, ishq, pyar, mohabbat, and the person who reads those books comes out as a patient. ‘Sharma ji ka ladka’ is the medicine for such patients. This book has not only the red color of love but also the different colors of life. Every story in the collection wants to make its own way by breaking the existing convention of writing in Hindi literature and it is possible only with you.

शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Download Free in this Post from Telegram Link and Google Drive Link , उज्ज्वल मल्हावनी / Ujjwal Malhawni all Hindi PDF Books Download Free, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF in Hindi, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka Summary, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka book Review

[adinserter block=”1″]

पुस्तक का कुछ अंश ( शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Download)

नागिन डांस

“17 मार्च, 2007 का दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास में काले दिन के रूप में जाना जाएगा।”
“राहुल द्रविड़ जैसा टेस्ट प्लेयर वनडे टीम का कप्तान, वो भी वर्ल्डकप में, आर यू जोकिंग विद द होल कंट्री?”
“माफ करना, दादा ने रन जरूर बनाए पर उनका स्ट्राइक रेट अनएक्सेप्टेबल था। युवराज सिंह की पारी को जरूर मैं अच्छा मान सकता हूँ।”
“दीवार में दरार नहीं पूरा छेद हो गया है, नाउ दिस इज द टाइम वी नीड टू थिंक अगेन।”
चैनलों को बार-बार बदला जा सकता था पर इस मैच का परिणाम नहीं, आखिर में रिमोट से टीवी बंद करने के बाद ऋषभ घर के बाहर निकल आया।
गली में बेमन से जमीन की ओर निगाह करके वो बढ़ा जा रहा था तभी सामने से आ रहे एक लड़के से वह टकरा गया। सामने से आ रहा वह लड़का भी उसी की तरह अनमना-सा था, उसकी नजरें भी सामने की जगह नीचे झुकी हुई थीं। दोनों ही आज इस तरह लग रहे थे मानो किन्हीं राजाओं ने उनका राज-पाट सब छीनकर उन्हें देश निकाला दे दिया हो- हताश, निराश, परेशान।
“ऐसे भी कोई खेलता है यार! आज का मैच तो सोचा था बड़े आराम से निकल जाएगा।” ऋषभ ने सौरभ को देखने के बाद फिर से नजरें झुका ली थीं।
“भाई, मुझे तो धोनी से बड़ी उम्मीद थी आज, पर उसका तो खाता भी नहीं खुला।”
“यहाँ सचिन-सहवाग भी कुछ नहीं उखाड़ पाए और तू धोनी की बात कर रहा है!”
“भाई, बांग्लादेश ने जो ये दर्द दिया है न, बड़े दिन तक रहेगा।”
—[adinserter block=”1″]

कोलंबो के राणासिंघे प्रेमदास स्टेडियम में नीले रंग की छटा किसी समुंदर-सी लग रही है। उत्साह का ठीक वैसा माहौल बना हुआ है जैसे समुंदर की हिलोरें मारती लहरें नाचती-गाती हैं। जब देश को सपोर्ट करने की बात हो तो ये भारत के लोग कहीं भी पहुँच जाते हैं और बात क्रिकेट मैच की हो तब तो पूछना ही क्या? दुनिया के किसी भी कोने में मैच हो, हर जगह भारतीय फैंस नीले लिबास में स्टेडियम पहुँचे रहते हैं। और स्टेडियमों में ये नीलापन हो भी क्यों न, आखिर हम हैं ही इतनी संख्या में, वह भी हर जगह। मैच चाहे इंग्लैंड में हो रहा हो या न्यूजीलैंड में, दक्षिण अफ्रीका हो चाहे वेस्टइंडीज, हर जगह ही क्रिकेट को लेकर अलग ही सा जुनून चढ़ा होता है हम लोगों पर। कई बार तो स्टेडियम की लोकेशन तक नेट पर खँगालनी पड़ती है क्योंकि भैया होम टीम से ज्यादा बंदे तो हमारे यहाँ के बैठे रहते हैं। साला समझ ही नहीं आता कि ये मैच आखिर हो कहाँ रहा है?
कुछ समय पहले तक तो नीले रंग की जर्सी में गालों पर तिरंगा बनाए लोगों के बीच हर तरफ उत्साह और उमंग से छटपटाती, उछलती तरंगें दिखाई दे रही थीं, लोग उनकी तरफ कैमरा आने पर जंगलियों की तरह दाँत फाड़-फाड़कर तिरंगा ऊपर करके दिखा रहे थे। पर अब एक सन्नाटे ने उन्हें घेर लिया है। कुछ उत्तेजित चेहरों पर मायूसी छाने लगी है। किसी के हाथ जुड़े हुए हैं, किसी-किसी की आँखें बंद हैं और कोई तो न जाने कौन-सा मंत्र मन-ही-मन बड़बड़ा रहा है मानो इन बंद आँखों में बोले गए चार-पाँच शब्दों से जैसे कुछ चमत्कार ही हो जाएगा।[adinserter block=”1″]

नीले रंग की इस भीड़ में दो लड़के हैं ऋषभ और सौरभ। दोनों ऐसे भारतीय फैन की तरह जिनकी नसों में खून दौड़ता नहीं रन बनाता है। उन्होंने भी पूरी शिद्दत से अपने दोनों गालों पर तिरंगा बनवाया था। सौरभ ने तो भारत की जर्सी से मेल खाती एक कैप भी डाली हुई थी।
पहली बार दोनों एक क्रिकेट मैच देखने दूसरे देश की जमीन पर आए थे। बल्कि यूँ कहा जाए कि दोनों जीवन में पहली बार विदेश आए थे। दोनों का व्यक्तित्व एक-दूसरे से बहुत अलग था। केवल एक ही समानता दोनों में थी कि दोनों को ही क्रिकेट से बेइंतिहा लगाव था। यह लगाव ही उन्हें पहली बार दूसरे देश में क्रिकेट मैच का लाइव लुत्फ उठाने के लिए ले आया था।
नहीं-नहीं, समानता एक और भी थी, वो यह कि दोनों का ही फेवरेट प्लेयर था सचिन तेंदुलकर। पर इसे भी अब क्या ही समानता में गिना जाए क्योंकि भारत में जितने भी क्रिकेट के शौकीन लोग हैं, सचिन को खेलते देखना अमूमन सब ही का शौक है। खैर, सचिन तो वर्षों पहले रिटायर हो गए थे इसलिए दोनों का फेवरेट प्लेयर बदल चुका था। ऋषभ को अब रोहित शर्मा पसंद था तो सौरभ को विराट कोहली की बेटिंग कुछ हद तक सचिन की ही याद दिलाती थी।[adinserter block=”1″]

आज के इस मैच में भारतीय टीम के साथ विराट कोहली के नहीं होने की वजह से कप्तानी का भार रोहित शर्मा के कंधों पर था। विराट कोहली के मैच में नहीं खेलने के कारण सौरभ तो यह मैच देखने बिलकुल नहीं आने वाला था पर ऋषभ ने अपने ऑफिस के रिसेप्शन पर बैठने वाली बंगाली ब्यूटी रिया सेन से उसकी बात कराने का वादा करके उसे मना लिया था।
एक रोज जब सौरभ ऋषभ के ऑफिस आया था तब से ही वह रिया की खूबसूरती पर लट्टू था और इशारों में उसने यह बात ऋषभ को बताई भी थी पर उसने कई बार उसे टाला था। आज एक मैच देखने के मौके के साथ रिया वाला काम तो फ्री में ही हो रहा था इसलिए वह इसके लिए मना नहीं कर पाया।[adinserter block=”1″]

नीले समुंदर की उफान मार रही लहरें रोहित शर्मा के आउट होने के बाद से धीमी हो गई थीं। जैसे-जैसे ओवर बीत रहे थे नीले खेमे में शांति होती जा रही थी। वहीं दूसरी ओर दर्शकों का एक बड़ा वर्ग, जो हरे रंग की जर्सी में था, छलांगे मार रहा था। इस वक्त उनमें से शायद ही कोई हो जिसके बारे में कहा जा सके कि वह होश में है। हर बांग्लादेशी समर्थक खुशी से झूम रहा था, कुछ तो वहाँ बांग्लादेश टीम की विजय का सूचक ‘नागिन डांस’ तक करने लग गए थे। यह नागिन डांस अगर दर्शकों तक सीमित होता तो ठीक रहता, पर बंगलादेशी खिलाड़ी भी मैदान पर इसके भरपूर मजे ले रहे थे।
एक ओवर पहले तक तो अठारह गेंदों पर पैंतीस रन चाहिए थे, मुश्किल था पर उम्मीदें थीं। इस तरफ थोड़ी कम निराशा थी और उस तरफ थोड़ी कम छलांगें। पर इस ओवर में महज एक ही रन आया था ऊपर से एक विकेट भी भारत की टीम ने गँवा दिया था। अब आलम यह हो गया कि बारह गेंदों पर चौंतीस रनों की दरकार हो गई थी। इस ओवर ने तो जैसे पासा ही पलट दिया था।
बांग्लादेश की तरफ से यह अठारहवाँ ओवर मुस्तफिजुर रहमान ने डाला था। इस ओवर ने मुश्किल को नामुमकिन में तब्दील कर दिया था। अब मैच में बस औपचारिकता ही बची है, कमेंटेटरों ने भी इस बात की घोषणा कर दी थी। सिर्फ एक ओवर ने कुछ उदासियों को गहरी उदासी में और कुछ चेहरों की चमक को सौ वॉट के बल्ब जैसे उजाले में बदल दिया था। बंगलादेशी खेमा मुस्तफिजुर को जितनी दुआएँ दे रहा था मैं दावे से कह सकता हूँ उससे कहीं ज्यादा लोग उसे गालियाँ दे रहे थे, न सिर्फ उस स्टेडियम में बल्कि अपने-अपने टेलीविजन से आँखें चिपकाकर बैठे हुए पूरे भारत के लोग।[adinserter block=”1″]

लेकिन तब नीली जर्सी वालों को क्या पता था कि जिस विकेट के गिरने पर वो आँखों से आँसू टपका रहे थे, उन्हें तो भगवान के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करनी चाहिए उसके गिरने के लिए और न ही हरी जर्सी पहने खुशी से उछल रहे लोगों को ही यह पता था कि यह विकेट नहीं गिर रहा है बल्कि ताश के पत्तों से बने उनकी खुशियों के महल में से एक पत्ता गिर रहा है।
उस विकेट के गिरने के बाद भारत में बहुत लोगों ने अपना टेलीविजन बंद कर दिया था। बहुत से लोग तो उस अवस्था में थे जैसे वर्षों से सँभालकर रखी उनकी इज्जत लुट गई हो। कुछ लोग अपना टेलीविजन बंद करके सो तक गए थे और सोच रहे थे कि ये जो आज श्रीलंका की जमीन पर बांग्लादेश के हाथों भारतीय क्रिकेट का चीरहरण हुआ है उसे बुरा सपना समझकर भूल जाएँगे। कम-से-कम कोशिश तो यही की जाएगी। शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Download Free in this Post from Telegram Link and Google Drive Link , उज्ज्वल मल्हावनी / Ujjwal Malhawni all Hindi PDF Books Download Free, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF in Hindi, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka Book Summary, शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka book Review

[adinserter block=”1″]

हमने शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए Google Drive की link नीचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 1.9 MB है और कुल पेजों की संख्या 107 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक उज्ज्वल मल्हावनी / Ujjwal Malhawni हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka की PDF को जरूर शेयर करेंगे।

Q. शर्मा जी का लड़का | Sharma Ji Ka Ladka किताब के लेखक कौन है?
Answer.
[adinserter block=”1″]

Download
[adinserter block=”1″]

Read Online
[adinserter block=”1″]

 


आप इस किताब को 5 Stars में कितने Star देंगे? कृपया नीचे Rating देकर अपनी पसंद/नापसंदगी ज़ाहिर करें। साथ ही कमेंट करके जरूर बताएँ कि आपको यह किताब कैसी लगी?

5/5 - (76 votes)

Leave a Comment