परलोक का मुख्य माध्यम मृत्यु है। जब तक मृत्यु नहीं हो जाती तब तक परलोक के दर्शन नहीं हो सकते; किन्तु वेद, तन्त्र भली-भाँति यह उद्घोष करते हैं कि विना मृत्यु को प्राप्त हुए भी परलोक तथा परलोक के विज्ञान को जाना जा सकता है। योग-तन्त्र की सभी शाखाओं का दर्शन एक ही मत में समाहित है, वह यह कि मृत्यु को प्राप्त हुए विना ही परलोक के विज्ञान को जाना-समझा जा सकता है।

प्रस्तुत पुस्तक में आदरणीय पं० अरुण कुमार शर्मा जी ने मानवों की परलोक सम्बन्धी जिज्ञासाओं का भली-भाँति समाधान किया है तथा कुछ ऐसे रहस्यों को आनवृत भी किया है, जो अभी तक रहस्य ही बने हुए थे; किन्तु इस पुस्तक परलोक विज्ञान को पढ़ने के बाद पाठकों की परलोकसम्बन्धी सभी जिज्ञासायें शान्त हो जायेंगी–ऐसा मुझे अनुमान ही नहीं; वरन्‌ पूर्ण विश्वास भी है। सौभाग्य से मुझे इस पुस्तक को सम्पादित करने का सुअवसर प्राप्त हुआ है। इस कठिन कार्य में मैं कहाँ तक सफल रहा हूँ, यह तो मैं नहीं जानता; किन्तु आदरणीय गुरुदेव के आशीर्वाद से ही मैं इस कार्य को सम्पादित कर सका हूँ।

डाउनलोड करा “परलोक विज्ञान,”
हिंदी पीडीएफ वर्जन मध्ये|

Free Download “Parlok Vigyan”
In Hindi PDF Format!

इसे डाउनलोड करणे के लिये नीचे दिये गये
बटन पर क्लीक करे

कमेंट करके हमे जरूर बताये आपको हमारा प्रयास कैसा लगा,
आपको अगर किसी PDF पुस्तक की जरुरत हो, कमेंट के माध्यम से हमे बताये

हमारा फेसबुक पेज लाईक करना ना भुले

हमारी वेबसाइट के बारे मे अपने दोस्तो को जरूर बताये !