अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari Book PDF Download by Harishankar Prasad

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पुस्तक का विवरण (Description of Book अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari PDF Download) :-

नाम : अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari Book PDF Download
लेखक :
आकार : 1 MB
कुल पृष्ठ : 102
श्रेणी : व्यंग्य / Vyangyaकहानियाँ / Stories
भाषा : हिंदी | Hindi
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साहित्य अकादमी पुरस्कार प्राप्त साहित्यकार हरिशंकर परसाई हिंदी के सबसे समर्थ व्यंगकार हैं. पैनी दृष्टि और चुटीली भाषा उनके अचूक औज़ार हैं. जीवन, समाज और राजनीति में व्याप्त सभी बिमारियों और बुराइयों की पहचान वे किसी कुशल ‘सर्जन’ की तरह हैं. ‘अपनी अपनी बीमारी’ की व्यंग्यपरक में कुछ ऐसी ही बीमारियों की चीरफाड की गई है, जो पाठकों को बेतरह झकझोरती है.
Sahitya Akademi Award winning litterateur Harishankar Parsai is the most capable satirist of Hindi. Sharp vision and cheeky language are his perfect tools. He is like a skilled ‘surgeon’ identifying all the diseases and evils prevalent in life, society and politics. In the satire of ‘Apni Apni Bimari, some such diseases have been ripped apart, which shocks the readers immensely.
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पुस्तक का कुछ अंश (अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari PDF Download)

पुराना खिलाड़ी

सरदारजी ज़बान से तंदूर को गर्म करते हैं। ज़बान से बर्तन में गोश्त चलाते हैं। पास बैठे आदमी से भी इतने जोर से बोलते हैं, जैसे किसी सभा में बिना माइक बोल रहे हों। होटल के बोर्ड पर लिखा है- ‘यहां चाय हर वक्त तैयार मिलती है।’ नासमझ आदमी चाय मांग बैठता है और सरदार जी यही कहते हैं-वाय ही बेचना होता, तो उसे बोर्ड पर क्यूं लिखता बाश्शाओ! इधर नेक बच्चों के लिए कोई चाय नहीं है। समझदार ‘चाय’ का मतलब समझते हैं और बैठते ही कहते हैं- एक चवन्नी !
सरदारजी मुहल्ले के रखवाले हैं। इधर के हर आदमी का चरित्र वे जानते हैं। अजनबी को ताड़ लेते हैं। तंदूर में सलाख मारते हुए चिल्लाते हैं-
– वो दो बार ससुराल में रह आया है जी। ज़रा बच के – उसके घर में दो हैं जी। किसी के गले में डालना चाहता है। ज़रा बच के बाश्शाओ ! -दो जचकी उसके हो चुकी हैं। तीसरी के लिए बाप के नाम की तलाश जारी हैं। ज़रा बच के – उसकी खादी पर मत जाणाजी। गांधी को फुटकर बेचता हैं। ज़रा बच के
उस आदमी को मेरे साथ दो-तीन बार देखकर सरदारजी ने आगाह किया था वह पुराना खिलाड़ी है। ज़रा बच के
जिसे पुराना खिलाड़ी कहा था, वह 35-40 के बीच का सीधा आदमी लगता था। हमेशा परेशान| हमेशा तनाव में कई आधुनिक कवि उससे तनाव उधार मांगने आते होंगे। उसमें बचने लायक कोई बात मुझे नहीं लगती थी।
एक दिन वह अचानक आ गया था| पहले से बिना बताए बिना घंटी बजाए, बिना पुकारे, वह दरवाज़ा खोलकर घुसा और कुर्सी पर बैठ गया। बदतमीज़ी पर मुझे गुस्सा आया था। बाद में समझ गया कि इसने बदतमीज़ी का अधिकार इसलिए हासिल कर लिया है कि वह अपने काम से मेरे पास नहीं आता। देश के काम से आता है। जो देश का काम करता है, उसे थोड़ी बदतमीज़ी का हक हैं। देश-सेवा थोड़ी बदतमीजी के बिना शोभा ही नहीं देती। थोड़ी बेवकूफी भी मिली हो, तो और चमक जाती है।[adinserter block=”1″]

Old Player

Sardarji heats the oven with his tongue. Stirs meat in the vessel with the tongue. He speaks so loudly even to the person sitting nearby, as if he is speaking in a meeting without a mike. It is written on the board of the hotel – ‘Tea is always ready here.’ A mindless man sits asking for tea and Sardar ji says the same – If he had to sell it, then why would he write it on the board? Here there is no tea for noble children. The wise understand the meaning of ‘tea’ and say as soon as they sit down – a chavanni!
Sardarji is the keeper of the locality. He knows the character of every person here. They take the stranger away. Hitting the bars in the oven, they shout-
He has lived in his in-laws house twice. Be careful – there are two in his house. Wants to put it in someone’s throat. Please save yourself! – She has had two births. The search for the father’s name is on for the third. Just be careful – don’t go to his khadi. Retails Gandhi. Be aware
Seeing that man with me two or three times, Sardarji

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हमने अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari PDF Book Free में डाउनलोड करने के लिए Google Drive की link नीचे दिया है , जहाँ से आप आसानी से PDF अपने मोबाइल और कंप्यूटर में Save कर सकते है। इस क़िताब का साइज 1 MB है और कुल पेजों की संख्या 102 है। इस PDF की भाषा हिंदी है। इस पुस्तक के लेखक हरिशंकर परसाई / Harishankar Prasad, हैं। यह बिलकुल मुफ्त है और आपको इसे डाउनलोड करने के लिए कोई भी चार्ज नहीं देना होगा। यह किताब PDF में अच्छी quality में है जिससे आपको पढ़ने में कोई दिक्कत नहीं आएगी। आशा करते है कि आपको हमारी यह कोशिश पसंद आएगी और आप अपने परिवार और दोस्तों के साथ अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari की PDF को जरूर शेयर करेंगे।

Q. अपनी अपनी बीमारी | Apni Apni Bimari किताब के लेखक कौन है?
 

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