Share This Book

आपहुदरी | Aaphudri Book PDF Download Free : Hindi Books by Ramnika Gupta

पुस्तक का विवरण (Description of Book) :-

नाम / Name 📥आपहुदरी PDF | Aaphudri
लेखक / Author 🖊️
आकार / Size 28 MB
कुल पृष्ठ / Pages 📖449
Last UpdatedSeptember 22, 2022
भाषा / Language Hindi
श्रेणी / Category
विविधता भरे अनुभवों की धनी रमणिका गुप्ता की आत्मकथा की यह दूसरी कड़ी आपहुदरी एक बेहद पठनीय आत्मकथा है । उनकी आत्मकथा की पहली कड़ी हादसे से यह कई अर्थों में अलग है । सच कहेंतो यही है उनकी असल आत्मकथा। यहां लेखिका का निजी जीवनउनके संघर्ष का सच एक स्त्री की कसौटी पर उद्घाटित हुआ है । यहां एक सुदीर्घ जीवन की कहानी है जहां एक रचनाकारसामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता के रूप में रमणिका जी का धनबाद तक का जीवन बड़े रोचक ढंग से सामने आता है । दरअसल आत्मकथा लेखन के लिए जिस जरूरी हिम्मत और सच कहने की सलाहियत होती है वह रमणिका जी में कूटकूटकर भरी है । हिन्दी में यह एक निर्भीक स्त्री के जीवन पर आधारित ऐसी आत्मकथा है जिसे पाठक एक रोचक उपन्यास की तरह पढ़ेंगे । रमणिका जी की इस बेहद बोल्ड आत्मकथा को पढ़कर कुछ और रचनाकार आत्मकथा लिखने की हिम्मत दिखाएं तो हमारा यह प्रयास सफल होगा । यह आत्मकथा बताती है कि जीवट किसे कहते हैं ।

 

पुस्तक का कुछ अंश

मैं रमना हूं, मेरे कई रूप हैं, जिससे आप मेरी इस कथा यात्रा में रू-ब-रू होइएगा। मैंने बुरी लड़की होने का दंश भी झेला है, हालांकि मैं मानती हूं कि मैं बुरी नहीं थी, पर मैं कौन होती हूं यह जजमेंट सुनाने वाली ? पढ़िए ना आगे! बताइएगा मुझे क्या में बुरी थी? क्या मैं बुरी हूं? मैं क्या हूं, ये मैं आपके मुंह से सुनना चाहती हूं! चलिए आत्मकथा के साथ चलें ! हां, मैं रमना हूं। स्कूल-कॉलेज और प्रमाणपत्रों में मेरा नाम 'रमणिका' है जो 'रमणीक' को संज्ञा का रूप देने के लिए जानबूझकर बनाया गया है। मुझे बदलाव प्रिय है हालांकि मैं अब भी भीतर से कहीं रमना ही हूं। वही रमना-कहीं अकेली खेलती, कहीं अकेली दौड़ती, कहीं अकेले डटती, कहीं अकेले झगड़ती और बिसूरती हुई या भीड़ में जूझती हुई, बहस करती, तर्क रखती एक दुबली-पतली मरियल-सी, सीधी-सादी, भोंदू-सी लड़की! ऐसे में अभी क्या हूं, ये कुछ लोग जानते हैं, आप भी जान जाएंगे। इस मुकाम पर मुझे उस 'रमना' ने ही पहुंचाया है, जो जिद्दी, चुरी या खराब अथवा बुद्ध कहलाने पर भी हँस या मुस्करा देती थी पर अपनी बात पर अड़ी रहती थी।
Download आपहुदरी PDF | Aaphudri PDF Book Free,आपहुदरी PDF | Aaphudri PDF Book Download kare Hindi me , आपहुदरी PDF | Aaphudri Kitab padhe online , Read Online आपहुदरी PDF | Aaphudri Book Free, आपहुदरी PDF | Aaphudri किताब डाउनलोड करें , आपहुदरी PDF | Aaphudri Book review, आपहुदरी PDF | Aaphudri Review in Hindi , आपहुदरी PDF | Aaphudri PDF Download in English Book, Download PDF Books of   रमणिका गुप्ता / Ramnika Gupta   Free,   रमणिका गुप्ता / Ramnika Gupta   ki आपहुदरी PDF | Aaphudri PDF Book Download Kare, आपहुदरी PDF | Aaphudri Novel PDF Download Free, आपहुदरी PDF | Aaphudri उपन्यास PDF Download Free, आपहुदरी PDF | Aaphudri Novel in Hindi, आपहुदरी PDF | Aaphudri PDF Google Drive Link, आपहुदरी PDF | Aaphudri Book Telegram

Download
Buy Book from Amazon
5/5 - (33 votes)
हमारे चैनल से जुड़े। To Get Latest Books Notification!

Related Books

Shares