Share This Book

आको-बाको । Aako Bako PDF Download Free by Divya Prakash Dubey

पुस्तक का विवरण (Description of Book) :-

नाम / Name 📥आको-बाको PDF। Aako Baako
लेखक / Author 🖊️
आकार / Size 2.2 MB
कुल पृष्ठ / Pages 📖148
Last UpdatedJune 3, 2022
भाषा / Language Hindi
श्रेणी / Category

दो दोस्त, जो ढूँढ़ने चले हैं कि कविता आख़िर कहाँ से आती है। एक छोटे शहर की सुपर मॉम, जो रोज़ टीवी पर आने का सपना देखती है। भोपाल की वो लड़की, जो अब भी अपने मुंबई के पेन फ़्रेंड को हाथ से लिखी चिट्ठियाँ भेजती है। एक मॉडल, जिसका एक गाना हिट होने के बाद सब कुछ फ़्लॉप हो गया। देहरादून में रहने वाला डाकिया, जो शहर का सबसे अच्छा ऐक्टर है। लखनऊ की पुरानी हवेली में रहने वाले ज़िंदा लोग, जिनको लोगों ने भूत मानकर छोड़ दिया है। द्रौपदी, जिसने पाँच भाइयों में बँटने से मना कर दिया था। गौतम बुद्ध, जो अगर घर लौट गए होते तो क्या होता!
दिव्य प्रकाश दुबे की ये 16 कहानियाँ, अलग-अलग शहरों में रहने वाले आम और ख़ास दोनों तरह के लोगों को नए शेड में दिखाने की कोशिश करती हैं। वे लोग, जो अपनी आधी-अधूरी हसरतों के साथ भी पूरे हैं।

 

पुस्तक का कुछ अंश

सुपर मॉम

नीता को घर का कामकाज निपटाते हुए रोज की तरह दिन के बारह बज गए थे। उसने अपने लिए चाय बनाई और इत्मिनान से अखबार पढ़ने लगी। उसको अखबार पढ़ने का शौक था लेकिन कभी वो ताजा अखबार नहीं पढ़ पाती। ज्यादा कुछ कहाँ चाहिए था उसे, कड़क चाय और ताजा अखबार बस इतना और बस इतना ही नहीं मिल पाता था।

पति को चाय के बिना अखबार के अक्षर दिखाई नहीं देते थे। सुबह बच्चों का टिफिन, उनके स्कूल की तैयारी में साँस लेने की फुरसत ही नहीं होती।

नीता उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले के ऑफिसर्स कॉलोनी में रहती थी, नहीं उसके पति ऑफिसर नहीं थे। वो लोग अपर कास्ट नहीं थे, ये बात दो-तीन दिन में कोई-न-कोई याद दिला देता था। शाहजहाँपुर की इस ऑफिसर्स कॉलोनी में घरों के चार-पाँच टाइप थे बंगले, एटाइप, बी टाइप सी टाइप, डी टाइप। नीता का घर सी टाइप का था। इस कॉलोनी में चपरासी बाबू से लेकर, अधिकारी, जज सभी सरकारी लोग रहा करते। यूँ तो बाबुओं की बिल्डिंग से डीएम बंगला बिलकुल पास था। नीता के घर के आस-पास रहने वाली औरतें शहर के अधिकारियों की बीवी की तरह नहीं थीं। कभी किसी को काम हो तो वो एक-दूसरे के घर का खाना-पीना देख लेतीं और बच्चों को सँभाल लेतीं। ये औरतें अधिकारियों की बीवियों को ऐसे देखती जैसे वो उस शहर की हिरोइन हों। डीएम और एसपी की बीवियों के पहने हुए कपड़ों की चर्चा बहुत दिनों तक होती। ऐसा कहा और माना जाता कि बड़े अधिकारियों की बीवियाँ कपडे वगैरह खरीदने बरेली या लखनऊ जाती हैं। कुछ औरतें तो यहाँ तक कहती थीं कि शहर के सब बड़े अधिकारियों को बीवियाँ हफ्ते में एक बार बरेली केवल शॉपिंग करने जाती थीं। ये वे औरतें थी जो अपने पतियों से डीएम और एसपी की तनख्वाह पूछकर उँगलियों पर हिसाब लगाती कि कितने पैसे खर्च हो जाते होंगे। बड़े अधिकारियों की होने वाली कमाई को जोड़ने में उनकी उँगलियाँ कम पड़ जाती। अपने बच्चों को अधिकारी बनाने का सपना पहली बार उनकी उँगलियों पर महीने का खर्चा....

Download आको-बाको PDF। Aako Baako PDF Book Free,आको-बाको PDF। Aako Baako PDF Book Download kare Hindi me , आको-बाको PDF। Aako Baako Kitab padhe online , Read Online आको-बाको PDF। Aako Baako Book Free, आको-बाको PDF। Aako Baako किताब डाउनलोड करें , आको-बाको PDF। Aako Baako Book review, आको-बाको PDF। Aako Baako Review in Hindi , आको-बाको PDF। Aako Baako PDF Download in English Book, Download PDF Books of   दिव्य प्रकाश दुबे / Divya Prakash Dubey   Free,   दिव्य प्रकाश दुबे / Divya Prakash Dubey   ki आको-बाको PDF। Aako Baako PDF Book Download Kare, आको-बाको PDF। Aako Baako Novel PDF Download Free, आको-बाको PDF। Aako Baako उपन्यास PDF Download Free, आको-बाको PDF। Aako Baako Novel in Hindi, आको-बाको PDF। Aako Baako PDF Google Drive Link, आको-बाको PDF। Aako Baako Book Telegram

Download
Buy Book from Amazon
5/5 - (66 votes)
हमारे Telegram चैनल से जुड़े। To Get Latest Notification!

Related Books

Shares